Product was successfully added to your shopping cart.

मेरे हिस्से का सूरज

Be the first to review this product

Quick Overview

अनुक्रम


प्रस्तावना
भूमिका


प्रथम खण्ड: कच्ची धूप


गर्म राख के नीचे........
छटपटाता समुद्र
गुनाह का पन्ना
शून्य
निरर्थक प्रतीक्षा
कोई वादा नही......
अभिशप्त
मेरे ही दर्द ने
जिया हुआ दर्द......
गन्ध


द्धितीय खंड


समझौता
घोषणा
जिजीविषा
टूटता हुआ तारा
कब्जा
भयमुक्ति
रोज़
नकार
भय
लिहाफ

तृतीय खण्ड


प्रेम : एक शिलालेख
शीर्षक
ठहरा हुआ जल
सीमा उल्लंघन
अहिल्या
परछाइयां
अहसास
वक्त
अभिशप्त मर्यादा
कोहरा


चतुर्थ खण्ड


रिहाई
कैद
चुकता हुआ मौन
अपना अक्स
परिभाषा
साजिश
अपशकुन
अनावरण के बाद
बदलते आकार


पंचम खण्ड : दायित्व बोध


विरासत
शरणार्थी बस गए
भ्रम
कोशिश
कतारो का बोझ
तटस्थता
पुल के पार
कैसी जीत?
न्यौता
एक दुघर्टना


षष्ठम खण्ड : मोह भंग


एक और एकलव्य
एक और सत्य
आशंकाएं
एक टुकड़ा जुलूस
घर
आस
डर
खतरा
अदालतें जारी रहेंगी
यात्रा का अंत


सप्तम् खण्ड : शंख ध्वनि


शंख ध्वनि
नील खण्ड
नन्ही चिडि़या
आमने-सामने
सवाल छोड़ दो
तकिये के नीचे का संसार
कोई कोना
सारी रात
गलती हो गई
विद्रोह


अष्ठम् खण्ड : हाशिये में


खड़ी पाई
फसले नहीं उगती
अपना सपना
यशोधरा
आतंक
साया
भाग्य
वादा
हाशिये में
भूल
पहचान
रेगिस्तान के बीचों-बीच
कबूतर खाना
उसके बाद
पुल
खतरा
निषेध
अखण्डित
तलाक, तलाक, तलाक

₹225.00

Availability: In stock

Additional Information

Sub Title No
Author डॉ. प्रेमलता
ISBN 10 Digit No
ISBN 13 Digit 9788187471585
Pages No
Binding Paperback
Year of Publication 2011
Edition of Book First
Language Hindi
Illustrations No

Product Tags

Use spaces to separate tags. Use single quotes (') for phrases.

  1. Be the first to review this product

Write Your Own Review