महाभारत - मूलकथा (दो भागों में)

महाभारत - मूलकथा  (दो भागों में)

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Quick Overview

भारतीय संस्कृति का आधार ग्रन्थ रामायण है तो भारतीय सामाजिक, राष्ट्रीय जीवन का मूलधार महाभारत । ये दोनों ग्रन्थ पिछले हो हजार वर्षों से भारतीय साहित्य का प्रेरणा स्रोत रहे हैं ।  इन साहित्यिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पौराणिक महाग्रंथों से भारतीय जीवन-दर्शन, सांस्कृतिक सन्दर्भ, धर्मनिरपेक्षता का पता चलता है ।


महाभारत मूलकथा के प्रथम खंड में जिन कथाओं का सन्दर्भ आपने पढ़ा उनमे आये विविध प्रसग ऐसी श्रंखला का निर्माण करते हैं जिसमें भारतीय तत्व-ज्ञान पूर्ण रूप से प्रतिष्ठित है । सैद्धांतिक चिंतन की प्रधानता के साथ पत्रों की उत्कृष्ट व्यवहारिकता उसे अनुकरणीय बनती है ।


इस खंड में वन-पर्व से आगे की सत्ता जो युगीन कथात्मकता के साथ वीरता और प्रेम का अनूठा संचार करती है ।  वैयक्तिक वीरता से सम्बंधित अदम्य साहसिक कार्यों का व्यापक विधान इसमें वर्णित है ।  इस ग्रन्थ में प्राचीन भारत अपने वास्तविक रूप में अभिव्यक्त हुआ है ।  कुरुवंश की कथा का आधार लेकर जिस महत्वपूर्ण कार्य और कार्य के आश्रय महान चरितों की अवतारणा इस ग्रन्थ में हुई है, यह शाश्वत अनुकरणीय है।  "धर्म की स्थापना" महाभारत का मूलोदेश्य है ।


कह सकते हैं, वैदिक और लौकिक युगों के संघर्षमय काल में उनके अधिकारों का परिसीमन करने के लिए महाभारत एक संधि-पत्र के समान है जिसमे वैदिक और लौकिक दोनों युगों के प्रतिनिधि ज्ञानियों एवं मनस्वियों के हस्ताक्षर की मुहर है ।


प्रस्तुत खंड की कथा का संपादन करते समय यह महसूस किया गया कि युद्ध के कथानक के मध्य ही यथावसर दार्शनिक चिंतन के साथ व्यवहारिक पक्षों के लिए पृथक फलक तैयार करना है ।


महाभारत के विराट कलेवर में लोक-जीवन की अनेक गाथाएं आकर एकाकार हो गयी हैं।  इसलिए प्रसंगतः उन सभी पक्षों का समावेश किया गया है जो नयी दिशा-दृष्टि देते हैं ।


ये अपने ढंग का एक अद्धितीय ग्रन्थ है। इसमें प्रस्तुत कथानक, परिवेश और पात्र-संवाद एक नया जीवनदर्शन एवं चिंतन लिए हैं।  धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के सन्दर्भ में जो भी इसमें नहीं है, वह कहीं  (भी) नहीं है । विश्वास है, महाभारत की सम्पूर्ण परंपरा में यह ग्रन्थ यहाँ तक अपनी पृथक पहचान लिए अलग दिखाई देगा।

Additional Information

Sub Title No
Author डॉ. राहुल
ISBN 10 Digit 8187471298
ISBN 13 Digit 9788187471295
Pages No
Binding Hardcover
Year of Publication 2006
Edition of Book First
Language English
Illustrations No

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